भारत विचार मंच पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई की

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लोकसभा सीट भोपाल का चुनाव देश भर की सुर्खियों में है। देश भर की संस्थाएं यहां आकर अपनी विचारधारा के प्रत्याशियों का समर्थन कर रहीं हैं। इन कार्यक्रमों को गैरराजनीतिक बताया जा रहा है, लेकिन इनका राजनीतिक कनेक्शन साफ नजर आ रहा है। भारत विचार मंच नाम की संस्था ने दावा किया था कि उनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। वो यहां एक डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन करना चाहते थे। चुनाव आयोग ने उसे प्रतिबंधित कर दिया। अब भाजपा तिलमिलाकर सामने आ गई है। प्रश्न उपस्थित होता है कि यदि भारत विचार मंच और भाजपा का कोई रिश्ता नहीं है तो भाजपा उसके बचाव में क्यों उतर रही है।

प्रदेश अध्यक्ष ने बयान जारी किया

प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए संवैधानिक संस्थाओं के साथ-साथ शासन और प्रशासन का दुरूपयोग करती आयी है। मध्यप्रदेश में चल रहे चुनाव में भी कांग्रेस निर्वाचन आयोग की आड़ में स्थानीय प्रशासन का दुरूपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि एक सामाजिक संस्था भारत विचार मंच द्वारा ‘भगवा आतंकवाद एक भ्रमजाल’ नाम से एक डाक्यूमेंट्री बनाई गई है, जिसकी स्क्रीनिंग सोमवार को होना थी। इसके लिए संस्था के आवेदन पर स्थानीय प्रशासन ने उन्हें अनुमति प्रदान की थी। लेकिन सोमवार को डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन के लोग पहुंचकर आयोजकों को बताते हैं कि अनुमति निरस्त कर दी गयी है। श्री राकेश सिंह ने कहा कि स्क्रीनिंग के कार्यक्रम को रोका जाना निदंनीय है और स्पष्ट तौर पर यह कार्रवाई कांग्रेस के इशारों पर की गयी है।

श्री राकेश सिंह ने संस्था द्वारा अनुमति के लिए दिए गए आवेदन और प्रशासन द्वारा दी गई कार्यक्रम की अनुमति की प्रति भी मीडिया को बताई। श्री राकेश सिंह ने कहा कि डाक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग के कार्यक्रम की अनुमति के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी स्क्रीनिंग को रोकने के लिए आयोग को पत्र लिखती है और उस पत्र के आधार पर स्थानीय प्रशासन अनुमति निरस्त कर देता है। उन्होंने कहा कि भोपाल और प्रदेश में प्रशासन कांग्रेस के इशारों पर काम कर रहा हैं।

श्री राकेश सिंह ने कहा कि कोई संस्था अगर भगवा आतंकवाद के सच को जनता के सामने लाना चाहती है, तो इसमें कांग्रेस को किस बात का डर है ? क्या उसे इस बात का भय है कि जब सच्चाई सामने आएगी, तो लोग कांग्रेस की हकीकत जान जायेंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवा आतंकवाद शब्द का उपयोग कर पूरे देश को भ्रमित करने की कोशिश की,  वही लोग चुनाव आने पर भगवा का सहारा लेकर चौखट-चौखट माथा टेककर फिर से जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता चुनाव के समय मंदिर-मंदिर माथा टेकते है और जैसे ही चुनाव खत्म हो जाते हैं तो इन नेताओं द्वारा भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों की उत्पत्ति कर दी जाती है। कांग्रेस के नेता जनता के साथ भगवान को भी भ्रम में डालने की कोशिश करते हैं। लेकिन प्रदेश की जनता इन लोगों को पहचान चुकी है।

मालेगांव ब्लास्ट का मामला अभी तक न्यायालय में विचाराधीन है। आतंकवाद के बदले आतंकवाद की थ्यौरी सही थी या नहीं, इस पर न्यायालय के फैसले के बाद ही टिप्पणी की जा सकती है। भारत की न्याय व्यवस्था यह अनुमति नहीं देती कि न्यायालय में विचारधीन मामलों में सार्वजनिक रूप से क्या सच है और क्या गलत यह प्रमाणित करने का प्रयास किया जाए। इस तरह के सारे प्रयास न्यायालय के भीतर किए जाने चाहिए।

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