निजी विश्वविद्यालयों की विनियामक आयोग में सहभागिता सुनिश्चित होगी

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उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा है कि मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग में निजी विश्वविद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करने के प्रयास किये जायेगें। इससे न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का प्रयोग किया जा सकेगा बल्कि मध्य प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में देश के पहले पायदान पर लाने का भ्री यह सफल प्रयास होगा। श्री पटवारी आज मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग में निजी विश्‍वविद्यालयों के कुलपति एवं प्रायोजी निकाय के अध्यक्षों से विभिन्न मुद्दों की समीक्षा कर रहे थे।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार आज की आवश्यकता है। डिमांड एंड सप्लाई फामूले पर आज के दौर के बच्चों को तैयार करना आवश्यक हो गया है। हमारी कोशिश रहेगी कि निजी विश्वविद्यालय और शासन मिलकर बेहतर तालमेल से काम करें। श्री पटवारी ने बताया कि विद्यार्थियों के परम्परागत क्षेत्रीय कौशल के साथ आधुनिकतम आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास के लिये प्रदेश में कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सभी संभागों में उत्कृष्टता संस्थान खोले जायेंगें। श्री पटवारी ने बताया कि 10 जून से शुरू की गई ऑनलाईन प्रक्रिया में अब तक लगभग एक लाख से अधिक बच्चों ने पंजीयन कराया है।

मंत्री श्री जीतू पटवारी ने जानकारी दी कि प्रदेश में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिये भोपाल में उच्च संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान में निरन्तर नई शिक्षा पद्यतियों और शिक्षा के क्षेत्र में हुए परिवर्तनों से शिक्षकों को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150 वीं वर्षगॉठ पर इस सत्र से सभी शिक्षण संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम किये जायेंगे। श्री पटवारी ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों में इन्टर यूनिवर्सिटी खेल प्रतियोगिता के लिये नीति बनाई जायेगी।

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्रीमती सलीना सिंह ने कहा कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ही हम सबका लक्ष्य है। निजी विश्वविद्यालय अपनी कॉमन पोर्टल तैयार कर उनके द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों, शोध कैरियर कॉउसंलिंग,प्लेसमेंट आदि की जानकारी दें। साथ ही निजी विश्वविद्यालयों द्वारा विनियामक आयोग के अकादमिक कैलेण्डर का पालन सुनिश्चित किया जाये।

मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. एम.एस. परिहार ने कहा कि हमें रिसर्च और डेवलपमेंट पर ज्यादा जोर देना होगा। इस अवसर पर विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं प्रायोजी निकाय के अध्यक्षों ने निजी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि के निर्धारण, विभिन्न पाठ्यक्रमों में विनियामक आयोग एवं केन्द्रीय विनियामक संस्थाओं द्वारा निर्धारित सीट संख्या के अनुरूप विद्यार्थियों का प्रवेश, विद्यार्थियों की नियमित अनिवार्य उपस्थिति 75 प्रतिशत किये जाने, उद्यमिता विकास तथा प्लेसमेंट संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

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