सरकार का फोकस किन क्षेत्रों पर होगा बजट से पहले पीएम मोदी ने बताया

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बजट 2020 के पेश होने से एक दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा कि कृषि, विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र पर हमें विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत है. लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र में दोबारा सत्ता में आने के बाद शुरुआती तीन हफ्तों में हमारी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. इन फैसलों से किसान, व्यापारी और युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचेगा. पीएम मोदी ने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यस्था की सबसे अहम कड़ी है. लेकिन हमें इस क्षेत्र में बेहतर करने के लिए अपने पुराने तौर-तरीकों को छोड़ना होगा. साथ ही हमें सूक्ष्म सिंचाई जैसी चीजों को अपनाना होगा. हमें इनपुट कॉस्ट में कमी लानी होगी. हमें अपने किसानों का हाथ थामना होगा.

पीएम मोदी ने कहा कि आज कॉरपोरेट किसानी में निवेश क्यों नहीं करता है? हमें उन्हें प्रेरित करना होगा, इसके लिए हमें नई पॉलिसी पर काम करने की जरूरत है. सिर्फ ट्रेक्टर बना देने से कुछ नहीं होगा. आज फूड प्रोसेसिंग, वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज जैसी चीजों के लिए कॉरपोरेट निवेश की जरूरत है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए बिना नाम लिए कांग्रेस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा, आपकी ऊंचाई आपको मुबारक हो. आप इतना ऊंचा चले गए हैं कि जमीन दिखनी बंद हो गई है, जड़ों से उखड़ गए हैं.’ पीएम मोदी ने कहा कि हमें किसी की लकीर की छोटा करने में अपना वक्त बर्बाद नहीं करते हैं. भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि हमने ‘फलाने’ को जेल क्यों नहीं भेजा, देश में इमरजेंसी नहीं लगी है कि किसी को भी जेल भेज दें.

कानून अपने हिसाब से काम करेगा और जिन लोगों को जमानत मिल रही है वह एन्ज्वाए करें. पीएम मोदी ने कहा कि पता है कि 70 सालों से चली आ रही चीजों को बदलने में वक्त लगता है. हमने अपना लक्ष्य नहीं बदला है. हमें आगे बढ़ना है फिर चाहे इन्फ्रास्ट्रक्चर हो या स्पेस. पीएम मोदी ने कहा कि मैं चुनाव को हार या जीत की दृष्टि से नहीं देखता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कई दशकों के बाद जनता ने इतना मजबूत बहुमत देकर किसी सरकार को दोबारा सत्ता दी है.

पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों ने दिखा दिया कि देश की जनता खुद की बजाए देश की भलाई के लिए सोचते हैं, यह सोच तारीफ के काबिल है. पीएम मोदी ने आपातकाल का जिक्र करते हुए फिर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि आज 25 जून है. 25 जून की तारीख के दिन देश की आत्मा को कुचल दिया गया था. आपातकाल किसने थोपा था. क्या हम उस दिन काले दिन को भूला सकते हैं.

इसके पहले पीएम मोदी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए पहली बार सदन में आए डॉ. प्रताप सारंगी जी और आदिवासी समाज से आईं हिना गावित जी का जिक्र करते हुए कहा, जिस प्रकार से विषय को प्रस्तुत किया और जिस बारीकी से बातों को रखा, तो मैं समझता हूं कि मैं कुछ भी न बोलूं तो भी चलेगा. उन्होंने कहा कि ये कोई जीत या हार का प्रश्न नहीं है. ये जीवन की उस आस्था का विषय है, जहां कमिटमेंट क्या होता, डेडिकेशन क्या है, जनता के लिए जीना-जूझना-खपना क्या होता है. और जब पांच साल की अविरत तपस्या का संतोष मिलता है तो वो एक अध्यात्म की अनुभूति करता है.

पीएम मोदी ने इस दौरान विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि यहां कहा गया कि हमारी ऊंचाई को कोई कम नहीं कर सकता, ऐसी गलती हम नहीं करते. हम दूसरे की लकीर छोटी करने में विश्वास नहीं करते, हम अपनी लकीर लंबी करने के लिए जिंदगी खपा देते हैं. उन्होंने कहा कि आपकी ऊंचाई आपको मुबारक हो, क्योंकि आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि आपको जमीन दिखना बंद हो गया है. आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि आप जड़ों से उखड़ गए हैं. इसलिए आपका और ऊंचा होना मेरे लिए अत्यंत संतोषजनक है. उन्होंने कहा कि मेरी कामना है कि और आप ऊंचे बढ़ें.

पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों ने दिखा दिया कि देश की जनता खुद की बजाए देश की भलाई के लिए सोचते हैं, यह सोच तारीफ के काबिल है. पीएम मोदी ने आपातकाल का जिक्र करते हुए फिर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि आज 25 जून है. 25 जून की तारीख के दिन देश की आत्मा को कुचल दिया गया था. आपातकाल किसने थोपा था. क्या हम उस दिन काले दिन को भूला सकते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र संविधान के पन्नों से पैदा नहीं हुआ है, बल्कि भारत में लोकतंत्र सदियों से हमारी आत्मा है, उस आत्मा को कुचल दिया गया था. हमारा सपना ऊंचा होने का नहीं बल्कि जड़ों से जुड़ने का है, जड़ों की गहराई से जुड़ने का है. जड़ों से ही ताकत पाकर देश को और ऊंचाई देना, ये ही हमारा रास्ता है.

पीएम मोदी ने कहा कि मैं शायद पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने लाल किले से कहा हो कि देश और राज्य में आजादी से अब तक जितनी भी सरकारे हुईं उन सभी का देश को आगे ले जाने में योगदान है. इस सदन में पहले भी ये बात मैं कह चुका हूं और आज भी इस बात को दोहरा रहा हूं. उन्होंने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि 2004 से 2014 तक शासन में बैठे हुए लोगों ने कभी अटल जी की सरकार की तारीफ की हो. उनकी छोड़ों नरसिम्हा राव जी की सरकार की तारीफ की हो. इस सदन में बैठे हुए इन लोगों ने तो एक बार भी मनमोहन सिंह जी की सरकार का जिक्र तक नहीं किया, अगर किया हो तो बताएं.

पीएम मोदी ने कहा कि हमें सुनाने का हक उन्हीं को है, जिन्होंने किसी को स्वीकार किया हो. वरना इनके कार्यकाल में नरसिम्हा राव जी को भारत रत्न मिलता, मनमोहन सिंह जी को भारत रत्न मिलता, लेकिन ये परिवार से बाहर किसी के बारे में सोच ही नहीं सकते.k

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