नेता प्रतिपक्ष का कटाक्ष विधायकों को सहेजे रखने की कवायद पर

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विधानसभा के मानसून सत्र में पांचवे दिन शुक्रवार को बजट पर चचाज़् के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के बयान पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताते हुए जोरदार हंगामा किया।

भार्गव ने कहा कि यह विचित्र सरकार है सभी मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बना दिया। विधायकों को खिलाने पिलाने का काम किया जा रहा है। इस पर सत्तापक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताई और गोपाल भार्गव के बयान को विधायकों का अपमान बताया। हंगामे के बीच गोपाल भार्गव ने  दोहराया कि ये सरकार खोखली है। विधायकों को खिलाने पिलाने की जिम्मेदारी मंत्रियों को दी गई है।

मंत्री भार्गव की सलाह लेकर बनाते

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा ,नेता प्रतिपक्ष के भाषण में अभी तक मुख्य रूप से दो बातें सामने आई हैं। एक तो ये कि सभी मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। कमलनाथ ने कहा कि उन्हें ये तो नहीं पता कि देश में कहीं ऐसा हुआ है, अथवा नहीं हुआ, लेकिन इतना तय है कि यदि उनके विधायक कैबिनेट मंत्री बनने के लायक हैं, तो क्या उन्हें मंत्री भार्गव की सलाह पर बनाते।

खिलाने-पिलाने की संस्कृति भाजपा की

कमलनाथ ने फि र कहा, इसके अलावा श्री भागज़्व ने विधायकों के खिलाने और पिलाने की व्यवस्था करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर उन्होंने जिम्मेदारी दी है, लेकिन जिम्मेदारी विधायकों को सदन में भाग लेने की दी है। उन्होंने हल्के से तल्ख अंदाज में कहा कि खिलाने, पिलाने और सुलाने की संस्कृति आप ही (भाजपा) लोगों की है और इसलिए आप लोग इस तरह का सोचते हैं।

भार्गव बोले-केयरटेकर शब्द का इस्तेमाल करेंगे

इस पर गोपाल भार्गव ने कहा, उनकी बात को गलत अर्थ में ले लिया गया है। वे इसके स्थान पर ‘केयरटेकरÓ शब्द को इस्तेमाल करना चाहेंगे। दरअसल इसके पहले भार्गव ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा था कि एक-एक मंत्री को तीन-तीन विधायकों को खिलाने, पिलाने और सुलाने का जिम्मा दिया गया है। इस पर कांग्रेस सदस्यों ने तत्काल आपत्ति जतायी थी और इसी बात को लेकर कुछ देर के लिए नोंकझोंक भी हुई।

विधायकों की एकजुटता की कवायद पर था भार्गव का कटाक्ष

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के इस कटाक्ष को गोवा व कर्नाटक में चल रहे सियासी हलचल के बाद

कमलनाथ सरकार द्वारा अपनी पार्टी व समर्थक विधायकों को एकजुट बनाए रखने के लिए शुरु की गई कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी क्रम में बीती रात स्वास्थ्य मंत्री तुलसी राम सिलावट के निवास पर रात्रि भोज भी दिया गया। इसमें मुख्यमंत्री समेत पार्टी के वरिष्ठ  नेता सुरेश पचौरी व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधायकों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। बताया जाता है,कि राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य मंत्रियों को विधायकों पर नजर रखने व उन्हें साधे रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

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