कमलनाथ सरकार ‘कुत्तों’ के तबादलों को लेकर विपक्ष के निशाने पर आई

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,भोपाल।   पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों के थोकबंद तबादलों के साथ ही पुलिस विभाग के  कुत्तों के तबादले मय हैंडलर के किए जाने से प्रदेश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने इसे लेकर सरकार पर तंज कसते हुए कहा,कि सरकार कम से कम कुत्तों को तो बख्श देती। वहीं कांग्रेस ने विपक्ष के हमले को संकीर्ण मानसिकता करार दिया है।

गौरतलब है,कि राज्य सरकार ने गुरुवार को पुलिस विभाग के 46 खोजी कुत्तों व इनके हैंडलर कर्मचारियों के तबादला आदेश जारी किए थे। इस प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री निवास में सालों से पदस्थ कुत्तों को भी बदलकर छिंदवाड़ा व अन्य स्थानों के कुत्तों की नवीन पदस्थापना की गई।  पार्षद,विधायक भी तबादले के लिए तैयार रहें
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा,कि तबादलों से सरकार को ऐसा क्या प्रेम जो हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों का तबादला करने से भी उसकी भूख नहीं मिटी, तो अब वह जानवरों तक के थोकबंद तबादले करने पर उतर आई है। उन्होंने कहा,कि अभी तक प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी ही इस तबादला नीति से त्रस्त थे, लेकिन अब जो हो रहा है उसको क्या कहा जाए ? दरअसल सरकार की रुचि केवल तबादलों में है और उसी प्रवाह में उसने जानवरों के भारी-भरकम तबादले का यह निर्णय लिया है। इतना ही नहीं कमलनाथ सरकार पंच सरपंचों के भी तबादले करने लगी है। इस हिसाब से आने वाले समय में मध्यप्रदेश के पार्षदों और विधायकों को भी अपने तबादले के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष विजेश लुणावत ने सरकार के इस कदम पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, ट्रांसफऱ उद्योग में लगी कमलनाथ सरकार ने कुत्तों को भी नहीं छोड़ा, मध्य प्रदेश में अब कुत्तों का तबादला हो गया। वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कहा,कि अगर बस चले तो कमलनाथ सरकार आसमान भी बेच देगी। आसमान का भी तबादला कर देंगे। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने तंज कसते हुए कहा कि ये कमलनाथ सरकार का समानता का व्यवहार है।  जो उसने अपनी ट्रांसफ र नीति में कोई भेदभाव नहीं किया।
ट्रांसफ र पर सवाल उठाना संकीर्ण मानसिकता
कुत्तों के तबादलों को लेकर विपक्ष के हमले पर वित्त मंत्री तरुण भनोत व पार्टी प्रवक्ता अभय दुबे ने सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा, कि कुत्तों के ट्रांसफ र पर सवाल उठाना संकीर्ण मानसिकता है। सभी तबादले प्रशासनिक व्यवस्था के तहत किए गए हैं।  वहीं प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अभय दुबे ने जारी एक बयान में कहा,कि  मध्यप्रदेश में सत्ता जाने के बाद भाजपा में इनती निराशा व्याप्त है कि वह पुलिस डॉग्स के तबादलों पर भी राजनीति करने पर आमादा हैं। उन्होंने इसके तकनीकी कारण गिनाते हुए भाजपा से अपेक्षा है कि वह रचनात्मक प्रतिपक्ष की भूमिका निभाये।
सरपंच के तबादले से सरकार की किरकिरी
गौरतलब है,कि इससे पहले  तबादलों के प्रवाह में जिला पंचायत रीवा एक सरपंच का तबादला कर पहले ही सरकार की किरकिरी करा चुकी है। हालांकि यह मामला उजागर होने पर सरपंच का तबादला निरस्त कर दिया गया। यही वजह है,कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने अब पार्षदों व विधायकों को भी तबादले के लिए तैयार  रहने की बात कही।

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