अब डाकिए ग्रामीणों को देंगे ऑनलाइन बैंकिंग की ट्रेनिंग

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भोपाल। प्रदेश में चि_ी-पत्री बांटने वाले पोस्टमैन अब ग्रामीणों को वित्तीय साक्षरता का पाठ भी पढ़ाएंगे। डाक विभाग ने ‘नाबार्डÓ के साथ इसके लिए करारनामा किया है। नाबार्ड के विशेषज्ञ पहले पोस्टमैन को वित्तीय साक्षरता और ऑनलाइन बैंकिंग की ट्रेनिंग देंगे।

इसके बाद ये पोस्टमैन गांव-गांव जाकर ग्रामीण नागरिकों को ऑनलाइन लेनदेन की बारीकियां समझाएंगे। केंद्र सरकार की योजना के तहत जल्दी ही प्रदेश के साथ देश के अन्य राज्यों में भी व्यापक स्तर पर यह कवायद शुरू की जाएगी।

केंद्र सरकार ने हाल ही में तय किया है कि शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता के लिए विशेष मुहिम शुरू की जाए, ताकि इंडिया पोस्ट पैमेंट बैंक जैसे घर पहुंच सेवा देने वाले डिजिटल बैंकों की सुविधा का लाभ ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।

इसके लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के साथ डाक विभाग ने करार किया है। ऑनलाइन बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए यह कवायद की जा रही है। सरकार का मानना है कि वित्तीय मामलों का ज्ञान स्कूल एवं कॉलेजों के माध्यम से नहीं मिल पाया है, जिस कारण वित्तीय साक्षरता का अभाव है। खासतौर पर ग्रामीणों में इसका ज्यादा अभाव है।

लगेंगे शिविर और मेले

‘नाबार्ड’ की मदद से डाक विभाग प्रदेश में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के नेटवर्क के जरिए कम आय वाले परिवारों और छोटे व्यवसाय करने वालों को वित्तीय साक्षरता और डिजिटल पेमेंट्स की सुविधा मुहैया कराएगा। यह काम प्रदेश में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सभी 42 शाखाओं के जरिए ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर और मेले लगाकर किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए पोस्टमैन को विशेष प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

पासवर्ड किसी को न बताएं

प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में ऑनलाइन बैंकिंग की सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए यह कवायद की जा रही है। इसके तहत ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी, यह भी समझाया जाएगा कि अपना गोपनीय पासवर्ड किसी से साझा न करें। ऑनलाइन चीटिंग के खतरों से भी उन्हें अवगत कराया जाएगा।

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